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लट्ठमार होली

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‎'Lath mar Holi (Hindi: लट्ठमार होली) takes place well before the actual Holi celebration. It takes place at Barsana near Mathura in the state of Uttar Pradesh. People flock to the suburban town of Barsana near Mathura to see Lath Mar Holi, a special form of traditional festivity. Legend has it that Lord Krishna visited his beloved Radha's village on this day and playfully teased her and her friends. Taking offence at this, the women of Barsana chased him away. Since then, men from Krishna's village, Nandgaon, visit Barsana to play Holi in the town which has the distinction of having the only temple dedicated to Radha in India. In the sprawling compound of the Radha Rani temple in Barsana, thousands gather to witness the Lath Mar holi when women beat up men with sticks as those on the sidelines become hysterical, sing Holi Songs and shout Sri Radhey or Sri Krishna. The Holi songs of Braj mandal are sung in pure Braj Bhasha. आय जइयो शयाम बरसाने गाम , तोय रंग में खूब नहवाय द...

वास्तु

जिस घर का वास्तु सही होता हैं वहां शांति और समृद्धि का स्थाई निवास होता है। - वास्तु के अनुसार पौधे लगाने से घर सकारात्मक उर्जा से भर जाता है। हरियाली आंखों को शांति देती है। घर में भी यदि वास्तु के अनुसार पौधे लगाए जाएं तो घर में शांति के साथ ही सुख, समृद्धि भी बढऩे लगती है। - झाड़ू घर में किसी ऐसे कोने में रखें जो एकदम दिखाई ना दें। - घर में कोई भी बंद घड़ी ना लगी रहे। जो घड़ी काम ना कर रही हो उसे घर में ना रखें। - मानसिक शांति प्राप्त करने के लिए चंदन आदि से बनी अगरबत्ती जलाएं। इससे मानसिक बेचैनी कम होती है। साथ ही घर में सुख समृद्धि बढऩे लगेगी। - घर के डस्टबीन में ज्यादा कचरा इकठ्ठा ना होने दें। - कभी भी किचन के सिंक में ज्यादा समय के लिए गंदे बर्तन ना रखें क्योंकि इससे घर में अलक्ष्मी का निवास होता है साथ ही घर के सदस्यों में असुरक्षा की भावना उत्पन्न होती है। - नुकीले औजार जैसे- कैंची, चाकू आदि कभी भी इस प्रकार नहीं रखे जाने चाहिए कि उनका नुकीला बाहर की ओर हो। - हर रोज कम से कम पच्चीस मिनट के लिए खिड़की जरुर खोलें, इससे कमरे से रात की उर्जा बाहर निकल जाएगी और साथ ही सूर...

लहसुन

माना जाता है कि इसका प्रयोग करने वाले मनुष्य के दांत, मांस व नाखून बाल, व रंग क्षीण नहीं होते हैं। यह पेट के कीड़े मारता है व खांसी दूर करता है। लहसुन चिकना, गरम, तीखा, कटु, भारी, कब्ज को तोडऩे वाला व आंखों के रोग दूर करने वाला माना गया है। अगर आप थुलथुले मोटापे से परेशान हैं तो अपनाएं नीचे लिखे लहसुन के अचूक प्रयोग- - लहसुन की पांच-छ: कलियां पीसकर मट्ठे में भिगो दें। सुबह पीस लें। उसमें भुनी हिंग और अजवाइन व सौंफ के साथ ही सोंठ व सेंधा नमक, पुदीना मिलाकर चूर्ण बना लें। आधा तोला चूर्ण रोज फांकना चाहिए। - लहसुन की चटनी तथा लहसुन को कुचलकर पानी का घोल बनाकर पीना चाहिए। - लहसुन की दो कलियां भून लें उसमें सफेद जीरा व सौंफ सैंधा नमक मिलाकर चूर्ण बना लें। इसका सेवन सुबह खाली पेट गर्म पानी से करें।

प्याज: इसके अनेकों फायदे

प्याज को शास्त्रों में तामसिक भोजन माना गया है। लेकिन हम आयुर्वेद व चिकित्सा शास्त्र की माने तो प्याज के सेवन का एक नुकसान सही पर इसके अनेकों फायदे हैं। प्याज के सेवन से हार्ट अटैक और स्ट्रोक्स का खतरा कम हो जाता है। रोज प्याज का सेवन करने से शरीर में अच्छे कोलेस्ट्रोल का स्तर बढ़ाने में मदद मिलती है। प्याज के रस में शहद मिलाकर सेवन करने से शरीर में खून की कमी बहुत जल्दी दूर होती है। यदि गठिया का दर्द सताए तो प्याज के रस की मालिश करें। उच्च रक्तचाप के रोगियों को कच्चे प्याज का सेवन अवश्य करना चाहिए, क्योंकि यह ब्लडप्रेशर कम करता है। उल्टियां हो रही हों या जी मिचला रहा हो, तो प्याज के टुकड़े में नमक लगाकर खाने से राहत मिलती है। जिन्हें मानसिक तनाव बना रहता हो, उन्हें प्याज का सेवन करना चाहिए, क्योंकि प्याज में मौजूद एक विशेष रसायन मानसिक तनाव कम करने में सहायक है। प्याज के सेवन से आंखों की ज्योति बढ़ती है। प्याज के रस का नाभि पर लेप करने से पतले दस्त में लाभ होता है। अपच की शिकायत होने पर प्याज के रस में थोड़ा-सा नमक मिलाकर सेवन करें। सफेद प्याज के रस में शहद मिलाकर सेवन करना दमा रो...

एक फायदेमंद औषधि: हल्दी

आयुर्वेद में हल्दी को कई रोगों की एक रामबाण दवा माना गया है। हल्दी रोगियों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। विशेषकर डायबिटीज के रोगियों के लिए हल्दी का उपयोग संजीवनी की तरह काम करता है। आयुर्वेद में यह माना गया है कि हल्दी से मधुमेह का रोग भी ठीक हो जाता है। हल्दी एक फायदेमंद औषधि है। हल्दी किसी भी उम्र के व्यक्ति को दी जा सकती है चाहे वह बच्चा हो, जवान हो, बूढ़ा हो और यहां तक की गर्भवती महिला ही क्यों न हो। हल्दी में प्रोटीन,वसा खनिज पदार्थ एरेशा, फाइबर, मैंगनीज, पोटेशियम, कार्बोहाइड्रेट, कैल्शियम,फास्फोरस, लोहा, ओमेगा, विटामिन ए, बी, सी के स्रोत तथा कैलोरी भी पाई जाती है। माना जाता है कि मधुमेह की रोकथाम के लिए हल्दी सबसे अच्छा इलाज है। रोज आधा चम्मच हल्दी लेकर डायबिटीज को कंट्रोल किया जा सकता है। - मधुमेह के रोगियों को रोजाना ताजे आंवले के रस या सूखे आंवले के चूर्ण में हल्दी का चूर्ण मिलाकर सेवन करने से बहुत अधिक लाभ मिलता है।- मधुमेह में आंवले के रस में हल्दी व शहद मिलाकर सेवन करने से भी मधुमेह रोगी को फायदा मिलता है। - मधुमेह के रोगी 2 ग्राम हल्दी, 2 ग्राम जामुन की गुठली...

लहसुन के कुछ खास गुण

आयुर्वेद में कहा गया है कि लहसुन के नियमित इस्तेमाल से आप बढ़ती उम्र में भी युवापन का एहसास कर सकते हैं। लहसुन को जोड़ों के दर्द की अचूक दवा माना गया है। लहसुन सिर्फ स्वाद बढ़ाने का साधन ही नहीं है बल्कि इसमें ऐसी कई खूबियां होती हैं जो इसे बेजोड़ और बहुत कीमती बनाती हैं। आइए जाने लहसुन के कुछ खास गुण... - 100 ग्राम सरसों के तेल में दो ग्राम (आधा चम्मच) अजवाइन के दाने डालकर धीमी-धीमी आंच पर पकाएं। लहसुन और अजवाइन काली हो जाए तब तेल उतारकर ठंडा कर छान लें। इस गुनगुने गर्म तेल की मालिश करने से हर प्रकार का बदन का दर्द दूर हो जाता है। - लहसुन दमा के इलाज में कारगर साबित होता है। 30 मिली दूध में लहसुन की पांच कलियां उबालें और इस मिश्रण का हर रोज सेवन करने से दमे में शुरुआती अवस्था में काफी फायदा मिलता है। अदरक की गरम चाय में लहसुन की दो पिसी कलियां मिलाकर पीने से भी अस्थमा नियंत्रित रहता है।

चंद्रशेखर

शिव को चंद्रशेखर भी पुकारा जाता है। यह नाम शिव के अद्भुत स्वरूप के दर्शन कराता है। इस नाम का अर्थ है मस्तक पर चंद्र को धारण करने वाले। असल में इस अर्थ के पीछे भी सांकेतिक संदेश है कि बुद्धि और विचारों के केन्द्र मस्तिष्क को बुरे भावों के ताप से दूर रखा जाए और उसमें सद्भाव रूपी शीतलता को स्थान देकर जीवन में शांति और सुख को पाया जाए। दूसरी ओर शास्त्रों में चंद्र को भी मन के नियंत्रक देवता भी माना गया है। सोमवार का दिन चंद्र दोष करने के लिए भी श्रेष्ठ होता है। चूंकि शिव के मस्तक पर विराजित होने से शिव पूजा चंद्र दोष को भी दूर करने वाली होती है। यही कारण है कि इस बार बने महाशिवरात्रि-सोमवार के शुभ संयोग में शिव का ध्यान सभी मानसिक संताप, शारीरिक रोगों, आर्थिक परेशानियों और बाधाओं को दूर करने वाली मानी गई है। इस शुभ अवसर में पुण्य लाभ कमाने के लिए ही यहां बताया जा रहा सरल शिव मंत्र और शिव उपासना का आसान उपाय, जिसे दौडते-भागते जीवन में थोड़ा सा वक्त निकालकर सरलता से अपनाया जा सकता है। - प्रात: स्नान कर नजदीक स्थित शिव मंदिर या घर के देवालय में शिवलिंग पर गंगाजल, दूध चढ़ाकर गंध, अक्ष...